स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

RentalPro – कैसे चलाएँ (SOP)

Equipment Rental Billing. हर काम आसान स्टेप्स में लिखा है। ऊपर से नीचे पढ़ते जाइए, या सीधे अपने काम पर क्लिक कीजिए।

🌐 अपनी भाषा में पढ़ें
विषय सूची · 14

1. लॉगिन कैसे करें

↑ ऊपर
  1. अपने प्रोडक्ट का लिंक खोलें (जैसे bizsuite.digitsparx.com/rentalpro/)।
  2. Business ID डालें – यह Digit Sparx आपको देता है (डेमो के लिए: demo-rentalpro)।
  3. Username और Password डालें → Login। पासवर्ड देखने के लिए 👁 आँख वाला बटन दबाएँ।
  4. डेमो देखना है? लॉगिन पेज पर "Fill demo login" दबाएँ – admin / admin123 अपने आप भर जाएगा।
  5. 5 बार गलत पासवर्ड डालने पर 15 मिनट के लिए लॉगिन रुक जाता है (सुरक्षा के लिए)।
सुझाव: अपना पासवर्ड किसी को न बताएँ। हर स्टाफ़ के लिए अलग यूज़र बनाएँ।

2. पहले दिन का सेटअप (सिर्फ़ एक बार)

↑ ऊपर
  1. Business Settings खोलें: दुकान का नाम, पता, फ़ोन, GSTIN, राज्य, लोगो, बैंक / UPI और बिल की शर्तें भरें → Save। यह सब हर बिल पर छपता है।
  2. Categories बना लें – जैसे "Mobiles", "Accessories" या "Starters"।
  3. अपने आइटम / प्रोडक्ट डालें (नीचे प्रोडक्ट वाला हिस्सा देखें)।
  4. Suppliers और पुराने Customers डाल दें। पुराना उधार हो तो Opening balance में लिखें।
  5. स्टाफ़ के लिए Users & Roles में अलग लॉगिन बनाएँ (Manager, Cashier…)। हर रोल को सिर्फ़ उसके काम के पेज दिखते हैं।

3. उपकरण और यूनिट डालना

↑ ऊपर
  1. Equipment Models → Add: नाम (Laptop i5), किराया प्रति दिन / सप्ताह / महीना, सिक्योरिटी डिपॉज़िट, स्पेसिफ़िकेशन। "Track by serial" ON।
  2. हर असली मशीन एक सीरियल है – Purchases में सीरियल नंबर एक लाइन में एक लिखें। Asset Units में हर यूनिट का स्टेटस दिखता है।

4. बुकिंग बनाना

↑ ऊपर
  1. New Booking → From और To तारीख-समय → Check availability।
  2. जो यूनिट उन दिनों बुक है वह Busy दिखेगी – डबल बुकिंग हो ही नहीं सकती। मेंटेनेंस वाली यूनिट भी ब्लॉक।
  3. यूनिट टिक करें, किराया प्रकार (दिन / सप्ताह / महीना) और रेट, ग्राहक, साइट का पता → Create booking।

5. सामान देना (Issue)

↑ ऊपर
  1. बुकिंग खोलें → हर यूनिट की हालत लिखें, सिक्योरिटी डिपॉज़िट और तरीका → Issue। यूनिट "rented" हो जाती है।
  2. Print से डिलीवरी नोट निकालें और हस्ताक्षर लें।

6. सामान वापस आया (Return)

↑ ऊपर
  1. बुकिंग खोलें → वापसी का समय, हालत; खराब हो तो Damaged टिक करें (यूनिट मेंटेनेंस में चली जाएगी)।
  2. लेट फ़ीस सॉफ़्टवेयर खुद सुझाता है, डैमेज चार्ज लिखें।
  3. "Adjust deposit against the invoice" टिक → किराये का बिल अपने आप बन जाता है।
  4. बचा हुआ डिपॉज़िट: Refund deposit से वापस दें।

7. देर से वापसी और कैलेंडर

↑ ऊपर
  1. Overdue Returns – जो समय पर वापस नहीं आए, WhatsApp Remind बटन के साथ।
  2. Availability Calendar – महीने का चार्ट, कौन-सा सामान कब बाहर है।
  3. Maintenance & Damage – रिपेयर लॉग; बंद करते समय खर्च Expenses में जुड़ सकता है।

8. पेमेंट, उधार (खाता) और एडवांस

↑ ऊपर
  1. बिल बनाते समय पेमेंट का तरीका चुनें: Cash, UPI, Card, Bank, Cheque। थोड़ा कैश + थोड़ा UPI हो तो "Split payment" दबाएँ।
  2. पूरा पैसा नहीं मिला? जितना मिला उतना लिखें – बाकी उधार बन जाता है (ग्राहक चुनना ज़रूरी है; वॉक-इन ग्राहक को पूरा पैसा देना होता है)।
  3. बाद में पैसा आए: Payments → Receive → ग्राहक / बिल चुनें → राशि → Save। रसीद नंबर अपने आप बनता है।
  4. ग्राहक ने एडवांस दिया: Payments → Receive → बिल न चुनें (on account)। अगले बिल पर "Use advance / credit" टिक करें।
  5. ग्राहक के पेज पर WhatsApp reminder बटन से उधार की याद दिला सकते हैं।

9. गलत बिल, वापसी और कैंसल

↑ ऊपर
  1. सेव किया हुआ बिल डिलीट नहीं होता (GST नियम)। गलती हो तो बिल खोलें → "Cancel document" → कारण लिखें।
  2. अगर बिल पर पेमेंट हो चुका है, तो पहले Payments में उस पेमेंट को Void करें, फिर बिल कैंसल करें।
  3. ग्राहक सामान लौटाए: बिल खोलें → "Return items (credit note)" → कितना लौटा → पैसा वापस (कैश / UPI) या क्रेडिट में रखें। स्टॉक अपने आप वापस आता है।

10. बिल प्रिंट, PDF और WhatsApp

↑ ऊपर
  1. बिल सेव करते ही बिल पेज खुलता है। Print = A4 प्रिंट, PDF = डाउनलोड, WhatsApp = ग्राहक को मैसेज।
  2. पुराना बिल ढूँढना: Invoices → नाम, मोबाइल या बिल नंबर से खोजें।

11. खर्चे (Expenses)

↑ ऊपर
  1. Expenses → Add: किराया, बिजली, वेतन, चाय-पानी… तारीख, राशि, तरीका लिखें → Save।
सुझाव: रोज़ शाम को खर्चे डालें – महीने के अंत में रिपोर्ट सही आएगी।

12. रिपोर्ट – दिन / सप्ताह / महीना / साल

↑ ऊपर
  1. Reports खोलें → रिपोर्ट चुनें (Sales summary, Item-wise, GST, Collections, Outstanding, Expenses…)।
  2. Today / This week / This month / This year बटन दबाएँ या अपनी तारीख डालें।
  3. Collections = किस कैशियर ने कितना कैश / UPI / कार्ड लिया – शाम को गल्ले से मिलाएँ।
  4. हर रिपोर्ट Export CSV से Excel में खुलती है – CA को भेज सकते हैं।
  5. ध्यान दें: "Sales" टर्नओवर है, मुनाफ़ा नहीं। "Profit (estimate)" सिर्फ़ खरीद कीमत से अनुमान है।

13. रोज़ का रूटीन (चेकलिस्ट)

↑ ऊपर
  1. सुबह: लॉगिन → Dashboard पर आज की बिक्री, उधार और अलर्ट देखें।
  2. दिन भर: बिल बनाएँ, माल आए तो Purchase एंट्री करें।
  3. शाम: Reports → Collections से कैश मिलाएँ, Expenses डालें।
  4. हफ़्ते में एक बार: Backup & Restore → "Download backup now" → फ़ाइल Google Drive / पेन-ड्राइव में रखें।

14. ज़रूरी बातें

↑ ऊपर
  1. अकाउंट में "Read-only" दिखे तो रिन्यूअल बाकी है – डेटा सुरक्षित है, सिर्फ़ नई एंट्री नहीं होगी। Digit Sparx को कॉल करें: +91 98187 54881।
  2. पासवर्ड बदलना: ऊपर अपने नाम पर क्लिक → My profile & password।
  3. कोई समस्या: Support में टिकट डालें या WhatsApp करें +91 70656 71504 / +91 98187 54881।
सुझाव: डेमो अकाउंट (admin / admin123) में पासवर्ड, यूज़र और सेटिंग बदलने की अनुमति नहीं है – यह सिर्फ़ देखने के लिए है।

Digit Sparx Pvt. Ltd. · मदद चाहिए? कॉल / WhatsApp +91 98187 54881 · WhatsApp +91 70656 71504 · sales@digitsparx.com