स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

PathLabPro – कैसे चलाएँ (SOP)

Pathology Lab Management & Billing. हर काम आसान स्टेप्स में लिखा है। ऊपर से नीचे पढ़ते जाइए, या सीधे अपने काम पर क्लिक कीजिए।

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विषय सूची · 15

1. लॉगिन कैसे करें

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  1. अपने प्रोडक्ट का लिंक खोलें (जैसे bizsuite.digitsparx.com/pathlabpro/)।
  2. Business ID डालें – यह Digit Sparx आपको देता है (डेमो के लिए: demo-pathlabpro)।
  3. Username और Password डालें → Login। पासवर्ड देखने के लिए 👁 आँख वाला बटन दबाएँ।
  4. डेमो देखना है? लॉगिन पेज पर "Fill demo login" दबाएँ – admin / admin123 अपने आप भर जाएगा।
  5. 5 बार गलत पासवर्ड डालने पर 15 मिनट के लिए लॉगिन रुक जाता है (सुरक्षा के लिए)।
सुझाव: अपना पासवर्ड किसी को न बताएँ। हर स्टाफ़ के लिए अलग यूज़र बनाएँ।

2. पहले दिन का सेटअप (सिर्फ़ एक बार)

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  1. Business Settings खोलें: दुकान का नाम, पता, फ़ोन, GSTIN, राज्य, लोगो, बैंक / UPI और बिल की शर्तें भरें → Save। यह सब हर बिल पर छपता है।
  2. Test Catalogue + Referring Doctors बना लें – जैसे "Mobiles", "Accessories" या "Starters"।
  3. अपने आइटम / प्रोडक्ट डालें (नीचे प्रोडक्ट वाला हिस्सा देखें)।
  4. Suppliers और पुराने Patients डाल दें। पुराना उधार हो तो Opening balance में लिखें।
  5. स्टाफ़ के लिए Users & Roles में अलग लॉगिन बनाएँ (Manager, Cashier…)। हर रोल को सिर्फ़ उसके काम के पेज दिखते हैं।

3. टेस्ट कैटलॉग (मालिक / पैथोलॉजिस्ट)

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  1. Test Catalogue → New test: कोड, नाम, विभाग, सैंपल (ब्लड / सीरम / यूरिन), ट्यूब, कीमत, रिपोर्ट का समय।
  2. हर टेस्ट के पैरामीटर: नाम, यूनिट और आपकी लैब की रेफ़रेंस रेंज। सॉफ़्टवेयर खुद कोई रेंज नहीं बनाता (डेमो में रेंज जानबूझकर खाली है)।
  3. Profiles & Packages: कई टेस्ट एक कीमत में। Referring Doctors, Collection Staff।
  4. Business Settings: पैथोलॉजिस्ट का नाम, योग्यता, रिपोर्ट फ़ुटर।

4. मरीज़ का रजिस्ट्रेशन

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  1. New Registration: पुराना मरीज़ खोजें या नया (टाइटल, नाम, उम्र, लिंग, मोबाइल), डॉक्टर, टेस्ट चुनें।
  2. घर से सैंपल लेना है तो Home collection + पता + समय।
  3. छूट, पेमेंट → Register & create bill। मरीज़ ID, बिल और हर सैंपल का एक्सेशन नंबर अपने आप।
  4. Sample labels (बारकोड) प्रिंट करके ट्यूब पर चिपकाएँ।

5. सैंपल लेना / लैब में लेना / रिजेक्ट

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  1. Sample Tracking: Collected → लैब में पहुँचे तो Receive in lab।
  2. सैंपल खराब (हीमोलाइज़्ड, जमा हुआ, कम मात्रा…): कारण चुनकर Reject → नया एक्सेशन नंबर अपने आप बनता है, दोबारा सैंपल लें।

6. रिज़ल्ट डालना

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  1. Result Entry → ऑर्डर खोलें → हर पैरामीटर की वैल्यू लिखें → Save।
  2. H / L फ़्लैग सिर्फ़ तब अपने आप लगता है जब रेंज सीधी संख्या वाली हो (जैसे 13.0 - 17.0)। वरना फ़्लैग खुद चुनें।

7. जाँच और अप्रूवल (पैथोलॉजिस्ट)

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  1. Validation & Approval → Validate → Approve। गलत लगे तो कारण लिखकर Send back।
  2. जिसने रिज़ल्ट डाला वही अप्रूव नहीं कर सकता (जब तक सेटिंग में self-approval ON न हो)।

8. रिपोर्ट देना और सुधारना

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  1. Lab Reports → ऑर्डर खोलें → Issue final report। रिपोर्ट में सिर्फ़ अप्रूव्ड टेस्ट आते हैं, बाकी "results to follow"।
  2. Print / PDF / WhatsApp करें।
  3. रिपोर्ट के बाद गलती मिली: Reopen (कारण) → रिज़ल्ट सुधारें → दोबारा अप्रूव → नया वर्ज़न (amended)। पुराना वर्ज़न "Superseded" हो जाता है।
  4. Home Collection: दिन की विज़िट, कलेक्टर असाइन, Collected।
सुझाव: रिपोर्ट का मतलब हमेशा योग्य डॉक्टर ही समझाएँ।

9. पेमेंट, उधार (खाता) और एडवांस

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  1. बिल बनाते समय पेमेंट का तरीका चुनें: Cash, UPI, Card, Bank, Cheque। थोड़ा कैश + थोड़ा UPI हो तो "Split payment" दबाएँ।
  2. पूरा पैसा नहीं मिला? जितना मिला उतना लिखें – बाकी उधार बन जाता है (ग्राहक चुनना ज़रूरी है; वॉक-इन ग्राहक को पूरा पैसा देना होता है)।
  3. बाद में पैसा आए: Payments → Receive → ग्राहक / बिल चुनें → राशि → Save। रसीद नंबर अपने आप बनता है।
  4. ग्राहक ने एडवांस दिया: Payments → Receive → बिल न चुनें (on account)। अगले बिल पर "Use advance / credit" टिक करें।
  5. ग्राहक के पेज पर WhatsApp reminder बटन से उधार की याद दिला सकते हैं।

10. गलत बिल, वापसी और कैंसल

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  1. सेव किया हुआ बिल डिलीट नहीं होता (GST नियम)। गलती हो तो बिल खोलें → "Cancel document" → कारण लिखें।
  2. अगर बिल पर पेमेंट हो चुका है, तो पहले Payments में उस पेमेंट को Void करें, फिर बिल कैंसल करें।
  3. ग्राहक सामान लौटाए: बिल खोलें → "Return items (credit note)" → कितना लौटा → पैसा वापस (कैश / UPI) या क्रेडिट में रखें। स्टॉक अपने आप वापस आता है।

11. बिल प्रिंट, PDF और WhatsApp

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  1. बिल सेव करते ही बिल पेज खुलता है। Print = A4 प्रिंट, PDF = डाउनलोड, WhatsApp = ग्राहक को मैसेज।
  2. पुराना बिल ढूँढना: Invoices → नाम, मोबाइल या बिल नंबर से खोजें।

12. खर्चे (Expenses)

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  1. Expenses → Add: किराया, बिजली, वेतन, चाय-पानी… तारीख, राशि, तरीका लिखें → Save।
सुझाव: रोज़ शाम को खर्चे डालें – महीने के अंत में रिपोर्ट सही आएगी।

13. रिपोर्ट – दिन / सप्ताह / महीना / साल

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  1. Reports खोलें → रिपोर्ट चुनें (Sales summary, Item-wise, GST, Collections, Outstanding, Expenses…)।
  2. Today / This week / This month / This year बटन दबाएँ या अपनी तारीख डालें।
  3. Collections = किस कैशियर ने कितना कैश / UPI / कार्ड लिया – शाम को गल्ले से मिलाएँ।
  4. हर रिपोर्ट Export CSV से Excel में खुलती है – CA को भेज सकते हैं।
  5. ध्यान दें: "Sales" टर्नओवर है, मुनाफ़ा नहीं। "Profit (estimate)" सिर्फ़ खरीद कीमत से अनुमान है।

14. रोज़ का रूटीन (चेकलिस्ट)

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  1. सुबह: लॉगिन → Dashboard पर आज की बिक्री, उधार और अलर्ट देखें।
  2. दिन भर: बिल बनाएँ, माल आए तो Purchase एंट्री करें।
  3. शाम: Reports → Collections से कैश मिलाएँ, Expenses डालें।
  4. हफ़्ते में एक बार: Backup & Restore → "Download backup now" → फ़ाइल Google Drive / पेन-ड्राइव में रखें।

15. ज़रूरी बातें

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  1. अकाउंट में "Read-only" दिखे तो रिन्यूअल बाकी है – डेटा सुरक्षित है, सिर्फ़ नई एंट्री नहीं होगी। Digit Sparx को कॉल करें: +91 98187 54881।
  2. पासवर्ड बदलना: ऊपर अपने नाम पर क्लिक → My profile & password।
  3. कोई समस्या: Support में टिकट डालें या WhatsApp करें +91 70656 71504 / +91 98187 54881।
सुझाव: डेमो अकाउंट (admin / admin123) में पासवर्ड, यूज़र और सेटिंग बदलने की अनुमति नहीं है – यह सिर्फ़ देखने के लिए है।

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