स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

MobilePro – कैसे चलाएँ (SOP)

Mobile Shop, Accessories & Repair Billing. हर काम आसान स्टेप्स में लिखा है। ऊपर से नीचे पढ़ते जाइए, या सीधे अपने काम पर क्लिक कीजिए।

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विषय सूची · 13

1. लॉगिन कैसे करें

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  1. अपने प्रोडक्ट का लिंक खोलें (जैसे bizsuite.digitsparx.com/mobilepro/)।
  2. Business ID डालें – यह Digit Sparx आपको देता है (डेमो के लिए: demo-mobilepro)।
  3. Username और Password डालें → Login। पासवर्ड देखने के लिए 👁 आँख वाला बटन दबाएँ।
  4. डेमो देखना है? लॉगिन पेज पर "Fill demo login" दबाएँ – admin / admin123 अपने आप भर जाएगा।
  5. 5 बार गलत पासवर्ड डालने पर 15 मिनट के लिए लॉगिन रुक जाता है (सुरक्षा के लिए)।
सुझाव: अपना पासवर्ड किसी को न बताएँ। हर स्टाफ़ के लिए अलग यूज़र बनाएँ।

2. पहले दिन का सेटअप (सिर्फ़ एक बार)

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  1. Business Settings खोलें: दुकान का नाम, पता, फ़ोन, GSTIN, राज्य, लोगो, बैंक / UPI और बिल की शर्तें भरें → Save। यह सब हर बिल पर छपता है।
  2. Categories + Brands बना लें – जैसे "Mobiles", "Accessories" या "Starters"।
  3. अपने आइटम / प्रोडक्ट डालें (नीचे प्रोडक्ट वाला हिस्सा देखें)।
  4. Suppliers और पुराने Customers डाल दें। पुराना उधार हो तो Opening balance में लिखें।
  5. स्टाफ़ के लिए Users & Roles में अलग लॉगिन बनाएँ (Manager, Cashier…)। हर रोल को सिर्फ़ उसके काम के पेज दिखते हैं।

3. मोबाइल और एक्सेसरीज़ डालना

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  1. Products & Accessories → Add: नाम, मॉडल, रंग, RAM / Storage, GST 18%, वारंटी (महीने)।
  2. मोबाइल फ़ोन के लिए "Track by IMEI / serial" ON करें। एक्सेसरीज़ (चार्जर, कवर) के लिए OFF रखें, बारकोड हो तो डालें।
  3. माल आया: Purchases → New purchase → सप्लायर → आइटम → मात्रा → फ़ोन के IMEI एक लाइन में एक पेस्ट करें → Save। स्टॉक और IMEI रजिस्टर दोनों अपडेट।

4. मोबाइल बेचना (बिल बनाना)

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  1. New Invoice खोलें → ग्राहक खोजें या नया नाम + मोबाइल लिखें।
  2. फ़ोन खोजें → जो IMEI दे रहे हैं उस पर टिक करें (मात्रा अपने आप)।
  3. कवर, ग्लास जैसी एक्सेसरीज़ जोड़ें, छूट हो तो Disc ₹ में लिखें।
  4. पेमेंट तरीका + राशि → Save → Print / WhatsApp। वारंटी की तारीख IMEI के साथ सेव हो जाती है।
  5. पहले रेट बताना है? Quotations → New → बाद में कोटेशन खोलें → Convert to invoice।

5. रिपेयर जॉब कार्ड

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  1. Repair Job Cards → New job card: ग्राहक, ब्रांड, मॉडल, IMEI, खराबी, फ़ोन की हालत, साथ में क्या दिया (कवर, SIM ट्रे), अनुमानित खर्च, डिलीवरी तारीख, टेक्नीशियन।
  2. Print job card करके ग्राहक को कॉपी दें।
  3. काम आगे बढ़े तो स्टेटस बदलें: Diagnosing → Waiting for parts → In progress → Repaired। हर बदलाव का रिकॉर्ड रहता है।
  4. WhatsApp status बटन से ग्राहक को अपडेट भेजें।
  5. Create repair bill: सर्विस चार्ज पहले से भरा होता है, लगाए गए पार्ट्स स्टॉक से जोड़ें → Save।
  6. ग्राहक फ़ोन ले जाए: Mark delivered।

6. वारंटी जाँच

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  1. Warranty Lookup → IMEI, बिल नंबर या मोबाइल नंबर डालें → कब बिका, वारंटी कितने दिन बची और रिपेयर हिस्ट्री दिखेगी।

7. पेमेंट, उधार (खाता) और एडवांस

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  1. बिल बनाते समय पेमेंट का तरीका चुनें: Cash, UPI, Card, Bank, Cheque। थोड़ा कैश + थोड़ा UPI हो तो "Split payment" दबाएँ।
  2. पूरा पैसा नहीं मिला? जितना मिला उतना लिखें – बाकी उधार बन जाता है (ग्राहक चुनना ज़रूरी है; वॉक-इन ग्राहक को पूरा पैसा देना होता है)।
  3. बाद में पैसा आए: Payments → Receive → ग्राहक / बिल चुनें → राशि → Save। रसीद नंबर अपने आप बनता है।
  4. ग्राहक ने एडवांस दिया: Payments → Receive → बिल न चुनें (on account)। अगले बिल पर "Use advance / credit" टिक करें।
  5. ग्राहक के पेज पर WhatsApp reminder बटन से उधार की याद दिला सकते हैं।

8. गलत बिल, वापसी और कैंसल

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  1. सेव किया हुआ बिल डिलीट नहीं होता (GST नियम)। गलती हो तो बिल खोलें → "Cancel document" → कारण लिखें।
  2. अगर बिल पर पेमेंट हो चुका है, तो पहले Payments में उस पेमेंट को Void करें, फिर बिल कैंसल करें।
  3. ग्राहक सामान लौटाए: बिल खोलें → "Return items (credit note)" → कितना लौटा → पैसा वापस (कैश / UPI) या क्रेडिट में रखें। स्टॉक अपने आप वापस आता है।

9. बिल प्रिंट, PDF और WhatsApp

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  1. बिल सेव करते ही बिल पेज खुलता है। Print = A4 प्रिंट, PDF = डाउनलोड, WhatsApp = ग्राहक को मैसेज।
  2. पुराना बिल ढूँढना: Invoices → नाम, मोबाइल या बिल नंबर से खोजें।

10. खर्चे (Expenses)

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  1. Expenses → Add: किराया, बिजली, वेतन, चाय-पानी… तारीख, राशि, तरीका लिखें → Save।
सुझाव: रोज़ शाम को खर्चे डालें – महीने के अंत में रिपोर्ट सही आएगी।

11. रिपोर्ट – दिन / सप्ताह / महीना / साल

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  1. Reports खोलें → रिपोर्ट चुनें (Sales summary, Item-wise, GST, Collections, Outstanding, Expenses…)।
  2. Today / This week / This month / This year बटन दबाएँ या अपनी तारीख डालें।
  3. Collections = किस कैशियर ने कितना कैश / UPI / कार्ड लिया – शाम को गल्ले से मिलाएँ।
  4. हर रिपोर्ट Export CSV से Excel में खुलती है – CA को भेज सकते हैं।
  5. ध्यान दें: "Sales" टर्नओवर है, मुनाफ़ा नहीं। "Profit (estimate)" सिर्फ़ खरीद कीमत से अनुमान है।

12. रोज़ का रूटीन (चेकलिस्ट)

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  1. सुबह: लॉगिन → Dashboard पर आज की बिक्री, उधार और अलर्ट देखें।
  2. दिन भर: बिल बनाएँ, माल आए तो Purchase एंट्री करें।
  3. शाम: Reports → Collections से कैश मिलाएँ, Expenses डालें।
  4. हफ़्ते में एक बार: Backup & Restore → "Download backup now" → फ़ाइल Google Drive / पेन-ड्राइव में रखें।

13. ज़रूरी बातें

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  1. अकाउंट में "Read-only" दिखे तो रिन्यूअल बाकी है – डेटा सुरक्षित है, सिर्फ़ नई एंट्री नहीं होगी। Digit Sparx को कॉल करें: +91 98187 54881।
  2. पासवर्ड बदलना: ऊपर अपने नाम पर क्लिक → My profile & password।
  3. कोई समस्या: Support में टिकट डालें या WhatsApp करें +91 70656 71504 / +91 98187 54881।
सुझाव: डेमो अकाउंट (admin / admin123) में पासवर्ड, यूज़र और सेटिंग बदलने की अनुमति नहीं है – यह सिर्फ़ देखने के लिए है।

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